वनविहार नेशनल पार्क में इस साल प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी कमी आई है। पक्षी विशेषज्ञ इसका कारण वायु प्रदूषण, इंसानी दखल, निर्माण कार्य और बोट क्लब पर बढ़ती गतिविधियाें को बता रहे हैं। उनके अनुसार भोपाल में वन विहार के अलावा हथाईखेड़ा, हलाली और कलियासोत डेम पर काफी संख्या में ये पक्षी अभी देखे गए हैं, लेकिन इस साल इनके अपने-अपने घरों की ओर लौटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। 

प्रवासी पक्षियों में हिमालय से आने वाले लार्ज कॉरमोरेंट की संख्या में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। वन विहार में पिछले साल तक हजारों की संख्या में ये पक्षी पहुंचते थे। बर्ड वॉचर अनिल गुलाटी ने बताया कि ये पक्षी अब वन विहार से उड़कर हथाईखेड़ा या हलाली डेम की तरफ चले गए हैं। दरअसल, यहां होने वाले आयोजनों में हर सप्ताह हजारों लोग बोट क्लब पहुंचते हैं। इससे होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण के कारण वन विहार में पहुंचने वाले पक्षियों ने अपना रुख दूसरी जगहों की ओर कर लिया। 
वहीं, पक्षी विशेषज्ञ डॉ. संगीता राजगीर का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों के कारण बड़े तालाब की जैव विविधता कम हुई है। उनके मुताबिक इस साल बतखों के साथ हिमालय और साइबेरिया से आने वाले इन पक्षियों की संख्या में गिरावट आई है। 


To download click the below link



Source: Dainik Bhasker (Dated 17 Feb 2015)