पाली-रामेश्वर घाट के बीच महज 22 किमी में 32 घड़ियाल, 22 मगरमच्छ भी मिले

पक्षियोंकी विलुप्त प्रजाति इंडियन स्कीमर बर्ड (पंछीड़ा) का झुंड चंबल सेंक्चुरी के श्योपुर क्षेत्र में पहली बार दिखा। लाल चोंच, सफेद गर्दन और काले पंख वाले इन पक्षियों को पाली घाट से रामेश्वर घाट के मध्य सेंक्चुरी में नदी के टापू पर देखा गया। इस झुंड में करीब 24-25 इंडियन स्कीमर हैं। जलीय जीव विशेषज्ञों को उम्मीद है कि यह पक्षी मार्च-अप्रैल में आने वाले सीजन में इसी टापू पर अंडे देंगे। इससे इनकी तादात और बढ़ जाएगी। इंडियन स्कीमर काफी कम संख्या में चंबल सेंक्चुरी में मिलते हैं। इस कारण यहां इनकी मौजूदगी सुखद है। विशेषज्ञों के मुताबिक सेंचुरी में देशी प्रवासी पक्षियों की करीब 20 प्रजातियां पाईं गईं हैं। इसके अलावा 32 घड़ियाल, 22 मगरमच्छ भी मिले हैं। 

गौरतलब है कि 400 किमी में फैली चंबल सेंक्चुरी में जलीय जीव एवं पक्षियों की गिनती के लिए मप्र-उप्र और राजस्थान वन विभाग का संयुक्त अभियान 5 फरवरी से चल रहा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ एनजीओ के समन्वय में यह गिनती 17 फरवरी तक चलेगी। श्योपुर के पाली घाट से रामेश्वर घाट के मध्य किए गए सर्वे ने विशेषज्ञों का जोश बढ़ा दिया है। पूरी सेंक्चुरी में बमुश्किल 20 की संख्या में मिलने वाले घड़ियालों में से अब यहां 32 घड़ियाल मिले हैं। इनमें 2 नर, 17 वयस्क, 6 अवयस्क, 4 युवा, 3 बच्चे हैं। यहां 22 मगरमच्छ भी पाए गए हैं। 

पक्षियों की 20 प्रजातियां मिली 

चंबलमें पाली घाट से रामेश्वर घाट के बीच 22 किमी के सर्वे में पक्षियों की 20 प्रजातियां पाईं गईं हैं। इनमें रेड क्रिसटेड पोचार्ड, ब्लेक हेडेड गल, पिनटिल, नकटा, बार हेडेडगूज, एशियन ओपन बिल स्ट्राक, ब्लेक हेडेड आइडिस आदि शामिल हैं। इनके अलावा देशी और प्रवासी पक्षी भी चंबल नदी के गिर्द देखे गए हैं।

सेंक्चुरी में नदी के टापू पर विलुप्त प्रजाति के इंडियन स्कीमर बर्ड 

इंडियन स्कीमर पक्षी विलुप्त प्रजाति में शुमार है। लेकिन यह आश्चर्य है कि पाली-रामेश्वर घाट के बीच 24 से अधिक पक्षी एक झुंड में देखे गए हैं। इनके अलावा इस सर्वे में पक्षियों की 20 से अधिक प्रजातियां और 2 नर घड़ियाल भी मिले हैं।' -सीताराम टैगोर, वन्यजीव विशेषज्ञ, डब्ल्यडब्ल्यूएफ इंडिया 

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Source: Dainik Bhasker (Dated 13 Feb 2015)