सफलता की शुरुआत : पहले जहां-तहां फेंक दी जाती थी पूजन सामग्री, टेकरी के पिछले मार्ग पर काम जारी

टेकरी के पिछले मार्ग पर फूलों से खाद बनाना शुरू कर दिया गया है। नाडेप चार चक्रीय वर्मी कम्पोस्ट में फूल पूजन सामग्री भरी जा रही है। जल्द ही केंचुए छोड़े जाने की तैयारी है। इसके बाद जैविक खाद तैयार होने लगेगा जो संचालनकर्ताओं के उपयोग के अतिरिक्त विक्रय भी किया जा सकता है। इस प्रयास से टेकरी पर चढ़ावे के फूलों को जहां-तहां फेंके जाने की प्रथा पर विराम लग गया है। रोजाना एक व्यक्ति प्रत्येक मंदिर पर जाकर फूलों को एकत्रित करता है और उसे खाद बनाने के परिसर में रख दिया जाता है। अभी सभी बॉक्स को पूरा भर दिया गया है जहां से केंचुओं की मदद से कुछ दिन बाद जैविक खाद तैयार हो जाएगा। 

फूलों का ढेर लगा 

माता टेकरी पर चढ़ने वाले फूल रोजाना एकत्रित करने के लिए एक व्यक्ति की ड्यूटी लगा दी गई है। वह रोजाना टेकरी के मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री को लाकर सुरक्षित इकाई परिसर में रख रहा है। अधिकारियों के निर्देशानुसार उसे नाडेप में डाला जा रहा है। पहले चरण का खाद बनाने के लिए जल्द ही केंचुए डाले जाने की संभावना है।

सफाई भी रहेगी, खाद भी मिलेगी 

कलेक्टरआशुतोष अवस्थी ने बताया आत्मा के नवाचार अंतर्गत यह प्रयोग शुरू किया गया है। रोजाना चढ़ने वाले फूलों को अगले दिन मां चामुंडा पवित्र खाद निर्माण इकाई में लाया जाता है। इससे टेकरी पर जहां-तहां फूल पूजन सामग्री फेंके जाने की समस्या खत्म हो रही है, साथ ही जैविक खाद उत्पादन भी जल्द होना शुरू हो जाएगा। 

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Source: Dainik Bhasker (Dated 07 Jan 2015)