भानपुर कचरा खंती की क्लोजिंग एवं शिफ्टिंग के संबंध में राज्य सरकार नगर निगम प्रशासन ने गुरुवार को वर्किंग प्लानिंग रिपोर्ट एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में पेश कर दी है। इस दौरान प्रशासन ने ढाई साल में खंती को आदमपुर छावनी में शिफ्ट करने का भरोसा दिलाया। नगर निगम प्रशासन ने कहा कि आदमपुर छावनी में खंती शिफ्ट होने से प्रभावित होने वाले 90 परिवारों को नए स्थान हीरापुर में 3 माह में शिफ्ट कर दिया जाएगा। एनजीटी ने सुनवाई के दौरान शिफ्टिंग प्लान की पूर्णता एवं प्रभावों को लेकर विभागों से कई सवाल किए। एनजीटी के जस्टिस दलीप सिंह ने एक जनवरी 2015 से निर्धारित समय में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

जारी हो चुका है नोटिस

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से बताया कि पिछले सालों में नगर निगम के आयुक्तों को कई बार खंती मामले में नोटिस जारी किया जा चुका है। बावजूद, भू-जल एवं वायु प्रदूषण को रोकने के बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब आदमपुर छावनी को लेकर भी पर्यावरणीय अनुमति लेने के लिए नगर निगम को कहा गया है।

20 हजार क्षतिपूर्ति राशि

नगर निगम प्रशासन ने एनजीटी को बताया कि आदमपुर छावनी में प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को 20 हजार रुपए क्षतिपूर्ति राशि देकर उन्हें नए स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा और उनको बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

3 लाख लोग प्रभावित

याचिकाकर्ता पर्यावरणविद् सुभाष सी पांडेय ने याचिका में कहा है कि मेडिकल वेस्ट, मरे हुए जानवरों को खंती में फेंकने से आस-पास का वातावरण प्रदूषित रहता है और लोगों को साफ हवा नहीं मिलती है। इसमें आग लगाने से जहरीला धुआं नागरिकों की परेशानी बढ़ा देता है। इस खंती से करीब तीन लाख आबादी प्रभावित हो रही है।


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Source: Peoples Samachar (Dated 09 Jan 2015)