प्रवासीपक्षियों के आने का दौर शुरू हो गया है। सिटी में फिलहाल विसलिंग टील, लार्ज कॉरमोरेंट्स, कॉमन रैडशेंक, ब्लैक हैडेड गल, इंडियन ग्रे हार्न बिल आना शुरू हो गए हैं। बर्ड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी ठंड कम है इसलिए प्रवासी पक्षी कम संख्या में पहुंचे हैं। फिलहाल ये पक्षी राजस्थान और गुजरात में चुके हैं। आने वाले 15 दिनों में कई पक्षी शहर पहुंच जाएंगे।

एंडेंजर्डब्लैक नैक स्टार्क भी दिखी 

बर्डएक्सपर्ट डॉ. संगीता राजगीर ने बताया कि विदिशा रोड स्थित हलाली डैम के अासपास एंडेंजर्ड स्पीशीज ब्लैक नैक स्टार्क भी देखी है। खतरे में पहुंच चुकी इस स्पीशीज के फ्लॉक देखे हैं। इसके अलावा पिनटेल और वैडर्स भी अच्छी संख्या में दिख रहे हैं। भोपाल बर्ड्स संस्था के मो. खालिक ने बताया कि अभी ठंड कम पढ़ रही है इसलिए प्रवासी पक्षियों के आने में देरी हो रही है। फिलहाल सुंरसरोवर आगरा और यमुना किनारे प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा लगने लगा है। कुछ दिनों में भोपाल में भी एक्वेटिक बर्ड्स आएंगे। विदेशी माइग्रेटरी बर्ड्स नॉर्थ एशिया, अफगानिस्तान, साइबेरिया और यूरोप से आती हैं। इन मेहमानों का जमावड़ा फरवरी तक रहेगा। लोकल माइग्रेटरी मार्च- अप्रेल तक यहां रहेंगी। 

वन विहार में कम हो रहा माइग्रेशन 

डॉ. राजगीर ने बताया कि वन विहार वाले क्षेत्र में माइग्रेशन बहुत कम हो गया है। इसकी वजह लोगों की अावाजाही के साथ वेजिटेशन भी है। वन विहार में मौजूद पानी के स्त्रोतों में जलकुंभी खत्म हो रही है। इसके कारण ऑक्सीजन का लेवल और वॉटर इको सिस्टम पर भी फर्क पड़ा है। इसके अलावा सैर सपाटा वाले एरिया में भी लाइटिंग और एक्टिविटीज के कारण बर्ड आना कम हो गए हैं। 

गंदगी ने खत्म किया भोजन

 बर्ड वॉचर अनिल गुलाटी ने बताया कि शाहपुरा लेक, हथाईखेड़ा डैम पर बहुत ज्यादा प्रदूषण हो रहा है। पक्षियों के लिए स्वर्ग माने जाने वाली इन जगहों पर इंसानी दखल के साथ गंदगी की वजह से उनका भोजन भी खत्म हो रहा है। 

फैक्ट फाइल 

100 के ग्रुप में आते हैं माइग्रेटी बर्ड्स पहले ग्रुप में आए ब्लैक रेडस्टार्ट , ग्रे हैडर, ब्लैक स्टार्, विशलिंग टील, बूटेड वॉबर्लरल सबसे पहले आने वाले माइग्रेटरी में लोकल माइग्रेटरी को 15 दिन से 1 महीना तक लगता है आने में।

इन स्पॉट पर जा सकते हैं 

वॉचिंग के लिए वन विहार, केरवा डैम, भदभदा, धनवंतरी पार्क, कलियासोत, सुल्तानिया इन्फेंट्री के साथ एक्वेटिव बर्ड्स की वॉचिंग के लिए बड़े तालाब, घोड़ा-पछाड़ डैम, शाहपुरा, कलियासोत डैम पर जा सकते हैं। 

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Source: Dainik Bhasker (Dated 18 Nov 2014)