वन विहार नेशनल पार्क में दिसंबर से पहली बार मध्यप्रदेश का राज्य पशु बारासिंघा नजर आएगा। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत यहां कान्हा नेशनल पार्क से पांच बारासिंघा लाए जाएंगे। वन विहार में इसके लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 

वन विहार के सहायक संचालक डॉ. सुदेश बाघमारे ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वन विहार में बारासिंघे पर पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कर लिया है। यहां का माहौल बारासिंघा के अनुकूल पाए जाने के बाद ही उन्हें यहां लाने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में यहां दो नर और तीन मादा बारासिंघा लाए जाएंगे। इनके यहां दिसंबर के पहले सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है। बताया गया है कि वन विहार में यह प्रयोग सफल रहने के बाद सतपुड़ा नेशनल पार्क में भी बारासिंघा शिफ्ट किए जाएंगे। 

सात हेक्टेयर में बनाया जा रहा है बाड़ा 

डॉ. बाघमारे ने बताया कि बारासिंघा के लिए यहां पर बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। उनके लिए सात हेक्टेयर के क्षेत्र में बाड़ा तैयार किया गया है। इसमें पांच तरह की घास उगाई गई है, ताकि बारासिंघा को खाने की कमी हो सके। वहीं, एक जलाशय भी बनाया गया है। इस इलाके तक अजगर सहित अन्य मांसाहारी प्राणियों की पहुंच को रोकने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। 

वन्य प्राणी विशेषज्ञ बोले- खतरे में है अस्तित्व 

वन्य प्राणी विशेषज्ञों के अनुसार बारासिघे का अस्तित्व खतरे में है। मध्यप्रदेश में फिलहाल इन्हें केवल कान्हा नेशनल पार्क में देखा जा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से इसे बाघ की तरह शेड्यूल वन प्राणी माना जाता है। बारासिंघा की शिफ्टिंग बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अनुमति के बाद ही की रही है।

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Source: Dainik Bhasker (Dated 26 Oct 2014)