भोपाल राजधानी में -वेस्ट कलेक्शन को लेकर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड जागरूकता अभियान चलाने के साथ, कलेक्शन कर रहीं एजेंसियों पर भी नजर रखेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड -वेस्ट कलेक्शन के लिए और भी नई एजेंसी संचालित करने के लिए लाइसेंस देगा। बताया जा रहा है कि शहर में -वेस्ट काफी मात्रा में है और इसका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल किया जाना है। राजधानी में -वेस्ट कलेक्शन के लिए जो हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं, उनमें 1 हजार से अधिक कॉल चुके हैं, जबकि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा किए गए सर्वे के हिसाब से अकेले राजधानी में करीब 450 मीट्रिक टन -वेस्ट है।

बैंगलुरु में है एजेंसी

-वेस्ट को रिसाइकल करने का कार्य बैंगलुरु की टेकॉलॉजिस्ट टू कंपनी करती है।

वह पूरे देश में सेंटर संचालित करती है, जिनसे एजेंसियों के एमओयू साइन होता है। जानकारी के अनुसार सभी जगहों से -वेस्ट जमा करके इंदौर स्थित सेंटर भेजा जाता है, इसके बाद वहां से बैंगलुरु भेजा जाएगा।

5 हजार स्क्वायर मीटर होना चाहिए जगह

-वेस्ट कलेक्शन सेंटर संचालित करने के एजेंसी के पास कम से कम 3 से 4 वर्ष का अनुभव एवं 5 हजार स्क्वायर मीटर का गोडाउन होना चाहिए। कलेक्शन एजेंसी -वेस्ट को तो बेच सकती है और ही उपयोग कर सकती है। इसको खुले में रखना भी गलत है। यह सिर्फ रिसाइकिल एजेंसी को ही दिया जाएगा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने निर्देश दिया है कि -वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से रखा जाना चाहिए और साइंटिफिक तरीके से निष्पादन होना चाहिए। जिसके खतरनाक नतीजों की आशंका रहे। क्योंकि -वेस्ट में तमाम तत्व ऐसे होते हैं जो मानव जीवन के लिए घातक होते हैं।

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Source: Peoples Samachar (Dated 03 Nov 2014)