बढ़ा कुनबा : चारसाल पहले तक 16 थी संख्या 

भोपाल फॉरेस्ट सर्कल में बाघों का कुनबा बढ़ रहा है। इसके अंतर्गत आने वाली रातापानी सेंचुरी से केरवा क्षेत्र तक 25 से अधिक बाघ-बाघिन और शावक घूम रहे हैं। भोपाल सर्कल के अधिकारियों का मानना है कि जल्दी घोषित होने वाली बाघों की गणना में रातापानी सेंचुरी में बाघों की संख्या 25 तक हो सकती है। वर्ष 2010 की गणना में यह संख्या 16 पाई गई थी। 

इन दिनों भोपाल से महज दस किमी दूर स्थित समरधा रेंज में ही 6 टाइगर देखे जा रहे हैं। यहां कलियासोत, केरवा, समसपुरा, रीछनखोह, सरोतियापुरा, चिचली बीट में वर्ष 2010 से अब तक एक बाघ, दो बाघिन और तीन शावक देखे गए हैं। हाल ही में प्रेमपुरा बीट में नए बाघ ने आमद दर्ज कराई है। वहीं रातापानी सेंचुरी में बरखेड़ा रेंज के कैरी गांव के नजदीक जंगल में एक बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है। शावकों की उम्र तकरीबन तीन माह है। ये तीनों गांव के नजदीक देखे गए हैं। कैरी गांव के चरवाहों ने बताया कि पहली बार बाघिन को 28 फरवरी के आसपास देखा गया था। इसके बाद अब उसको शावकों के साथ लगातार देखा जा रहा है। वहीं जनवरी माह में यहां दो अलग-अलग क्षेत्र में एक अन्य बाघिन शावकों के साथ देखी गई थी। औबेदुल्लागंज डिवीजन के कंजरवेटर केपी शर्मा का कहना है कि फिलहाल औबेदुल्लागंज डिवीजन और रातापानी सेंचुरी के अंदर 20 से 22 बाघ तो हैं। यह संख्या वह है, जिसमें शावकों को शामिल नहीं किया गया है। भोपाल फॉरेस्ट सर्कल के चीफ कंजरवेटर महेंद्र यादुवेंदु ने भी बाघों की संख्या बढ़ने की पुष्टि की है।

बाघोंके लिए अनुकूल है जंगल : रिटायर्डपीसीसीएफ पीएम लाड का कहना है कि टाइगर उस स्थान पर ज्यादातर रहता है, जहां उसे पर्याप्त आहार, पानी, छिपने लिए घास और घना जंगल मिलता है। इसी वजह से बाघों की संख्या बढ़ रही है।

वर्ष 2006 तक थे मात्र चार बाघ 

सन2010 की गणना में रातापानी सेंचुरी में 16 बाघों की उपस्थिति दर्ज हुई थी। जबकि वर्ष 2006 तक यहां केवल चार बाघ थे। बाघों की संख्या बढ़ने की पुष्टि तत्कालीन पीसीसीएफ एचएस पाबला ने की थी। उनका कहना था कि भले ही टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में कमी आई है, लेकिन रातापानी सेंचुरी में उनकी संख्या बढ़ रही है। 

वन क्षेत्र में बाघों की स्थिति 

रातापानी सेंचुरी से बाहर का वन क्षेत्र 

समरधा रेंज      4

वीरपुररेंज         3

रातापानी सेंचुरी के अंदर का वन क्षेत्र 

बरखेड़ा रेंज        5

देलाबाड़ीरेंज       4

बिनेकारेंज         4

दाहोदरेंज           5

ये वन्य प्राणी भी घूम रहे जंगल में 

तेंदुआ, जंगली बिल्ली, नीलगाय, सांभर, सेही, भालू, जंगली सुअर, चीतल, मोर, सियार, लकड़बग्घा।

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Source: Dainik Bhasker (Dated 09 Sep 2014)