भोपाल। आईईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में ग्रीन इंस्टीट्यूशन फॉर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का समापन विशेषज्ञों द्वारा दिए गए व्याख्यान से हुआ। अंतिम दिन के प्रथम सत्र में शहर के प्रसिद्ध आकिर्टेक्ट राकेश सिंह कुशवाह ने कहा कि भवनों की प्लानिंग में ईको फ्रेंडली वातावरण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भवन पूरी तरह एनर्जी सेविंग अवधारणा सहित रहना चाहिए एवं हरियाली लिए हुआ होना चाहिए साथ ही खुली जगह में केवल कांक्रीट का फ्लोर अथवा छत ही न देकर उसे प्लांटेशन एवं लॉन से कवर कर एनर्जी सेवर बनाना चाहिए। परंपरागत रूप से निर्माण किए जा रहे कैंपस की जगह ग्रीन कैंपस की आवश्यकता पर जोर दिया जाए और परिसर में पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में कार्य करना चाहिए। वहीं द्वितीय सत्र में सुश्मित व्यास(चेयरमैन,व्यास साहेब एडं एसोसिएट लिमिटेड, इंदौर) ने इंस्टीट्यूशनल कैंपस में सुव्यवस्थित रूप से प्लांटेशन किए जाने पर अपना व्याख्यान दिया। वृक्षों की आवश्यकता, वृक्षों के चयन में सावधानी तथा पुराने पेड़ों के नीचे बच्चों के खेलने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्किंग में भी अधिक से अधिक पेड़ लगाकर हम वातावरण को सुसज्जित कर सकते है और वातावरण को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी समाज के ही उपर है। व्यास ने ये भी कहा 80 प्रतिशत प्रदूषण शहरों द्वारा ही फैलाया जाता है। इसे रोकने लिए हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए तथा ये भी कहा कि कैंपस में हरियाली और दिशा में एकीकृत दृष्टिकोण के लिए एक रूपरेखा तैयार करके कार्य करना चाहिए। जल संसाधनों के सतत प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए। जैव विविधता के संरक्षण पर कार्य करना चाहिए और कहा कि उर्जा, जल, खाद्य सुरक्षा के प्रति आक्रामक लक्ष्यों को स्थापित करना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर आईईएस ग्रुप की ग्रुप डायरेक्टर डॉ सुनिता सिंह ने सेमीनार में आए अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए एवं आभार व्यक्त किया। इस सेमीनार में विभिन्न फैकल्टी मेम्बर्स एवं 400 छात्रों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 150 छात्र अन्य कॉलेजों के थे।


Source: Peoples Samachar (Dated 4 Mar 2014)