SUBJECT :Wild Life 
भोपाल वन विहार नेशनल पार्क में जहां चीतलों की संख्या बढ़ी है, वहीं सियारों की संख्या कम हुई है। यहां इस साल हुई वन्य प्राणियों की गणना में शाकाहारी वन्य प्राणियों की संख्या इजाफा हुआ है। इनकी संख्या मांसाहारी वन्य प्राणियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जहां चीतलों की संख्या 614 दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 541 दर्ज की गई थी। इसी तरह पिछले साल की तुलना में सियार की संख्या आधी हो गई है। पिछले बार सियारों की संख्या 81 से 107 के बीच थी, जबकि इस बार इनकी संख्या 58 है। वन विहार प्रबंधन के मुताबिक, सियारों की संख्या कम होने की वजह से चीतलों की संख्या बढ़ी है। वन विहार नेशनल पार्क के डॉयरेक्टर बीपीएस परिहार का कहना है कि पिछले साल 541 चीतल थे, वहीं इस बार हुई गणना में 614 चीतल होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना चीतलों की संख्या घटी है।

सियारों की शिफ्टिंग के कारण कम हुई संख्या :

परिहार ने बताया कि सियारों की संख्या कम होने का कारण उनको दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना भी है। वन विहार में सियारों की संख्या अधिक होने के कारण आए दिन चीतलों का शिकार कर रहे थे। इसको देखते हुए सियारों को शिफ्ट करना पड़ा। प्रबंधन की माने तो करीब 2013 में 50 से ज्यादा सियारों को दूसरे  अभ्यारण्य में शिफ्ट किया गया है।

बाघों की संख्या में नहीं आई कमी :

प्रबंधन का दावा है कि बाघ, शेर, तेंदुए की संख्या पहले की तरह सामान्य बनी हुई है। इसका कारण दूसरे जगह से मांसाहारी जानवरों का आना है। हाल ही में हुई गणना के मुताबिक, बाघ की संख्या 8 है। वहीं, शेर 9 और तेंदुए की संख्या 8 दर्ज की गई है।

सांभर भी बढ़े :

गणना के आंकड़ों के मुताबिक, सांभर की संख्या भी वन विहार में बढ़ी है। पिछले साल इनकी संख्या 289 से 302 के बीच थी, जबकि इस बार की गणना में इनकी संख्या 305 दर्ज की गई है। गौरतलब है कि वन विहार में यह गणना 23 जनवरी से 25 जनवरी के मध्य हुई थी।

48 कर्मचारियों ने सुबह-शाम दर्ज किए वन्य प्राणियों की गिनती :

वन्य प्राणियों की गिनती के लिए वन विहार प्रबंधन ने करीब 48 कर्मचारियों की ड्यूटी पर तैनात किया था। कर्मचारी सुबह और शाम के वक्त वन्यप्राणियों की गणना का काम करते थे। इस दौरान खरोंच, नाखूनों के निशान की जांच आदि के माप लिए जाते थे।



Source: Peoples Samachar (Dated 4 Feb 2014)