SUBJECT :Waste Management 
भोपाल लगभग 40 सालों से भानपुर खंती से उठने वाले धुएं और दुर्गंध का जहर पी रहे लाखों परिवारों के लिए यह खुश खबर है कि अगले 6 महीने में उन्हें इस तकलीफ से मुक्ति मिल जाएगी। दरअसल मंगलवार को एनजीटी में मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम प्रशासन ने छह महीने में भानपुर क्षेत्र से खंती हटाने का वादा किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के जस्टिस दलीप सिंह और विषय विशेषज्ञ सदस्य वीएस राव की बैंच में सुनवाई के दौरान मप्र, छग और राजस्थान के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के जोनल चीफ,राज्यों के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी और ननि कमिश्नर सहित वरिष्ठ अधिकारी और उनके अधिवक्ता मौजूद थे। वहीं मामले के आवेदक याचिकाकर्ता पर्यावरणविद् डॉ सुभाष सी पांडे ने मामले में स्वयं ही पैरवी की। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।

झिरनियां या आदमपुर

नगर निगम प्रशासन की ओर से बैंच को बताया गया कि प्रशासन आदमपुर छावनी रायसेन रोड अथवा झिरनियां गांव में नई लैंडफिल साइट का विकास किया जाएगा, वहां भानपुर खंती को शिफ्ट कर दिया जाएगा।

बैंच ने कहा

सुनवाई के दौरान जस्टिस दलीप सिंह और विषय विशेषज्ञ सदस्य पीएस राव की बैंच ने तीनों राज्यों को निर्देश देते हुए कहा कि धार्मिक स्थल और सेमिनारों में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। इसके अलावा बैंच कचरे को घरों से एकत्रित करने के बाद ही उसमें से जैविक और अजैविक कचरे की छंटाई करने का प्रबंध किया जाए। बैंच ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वीडियो कांफ्रेसिंग और पॉवर पॉइंट प्रजेटेंशन के जरिए आवश्यक सूचना, सुरक्षा, योजना, उनके दायित्वों और जिम्मेदारी के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बैंच ने कहा कि विधानसभा में भी जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक किया जाए।


Source: Peoples Samachar (Dated 5 Feb 2014)